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Silent sound technology - बिना आवाज के भी बात करना हो गया संभव।

आइये जानते है Amazing facts about india के बारे में।

 

Silent sound technology से बिना आवाज के बात करना हुआ संभव।

आज के समय में टेक्नोलॉजी उन्नति के शिखर को छू रही है। अब के समय में ऐसे अविष्कार हो रहे है। जिसे सोच पाना आम आदमी के बस की बात नही। ऐसे अविष्कार तो सिर्फ कल्पना मात्र लगते है।

इस उन्नति के नुकसान है या फायदे। यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। तो चलिए जानते है। एक ऐसे अविष्कार के बारे में जिसे सुन आप आश्रय चकित रह जाओगे।

silent sound technology

इस अविष्कार के मध्य से आप बिना आवाज निकाले अपने विचारो को किसी दूसरे व्यक्ति को सुना सकोगे। यह अविष्कार MIT के विज्ञानिक ने किया है। जो की भारत का ही है। इस विज्ञानिक का नाम अरनव कपूर है। इस डिवाइस का नाम Alter Ego है। यह डिवाइस Smart audio पर काम करता है।

videoLinkYoutube  

MIT की वेबसाइट में बताया गया है। की यह डिवाइस आपका दिमाग नही पड सकता। इस डिवाइस का आपके दिमाग के सिग्नल के साथ कोई सम्बन्ध नही।

तो इससे आपके ब्रेन में कोई भी साइड इफ़ेक्ट आने की कोई सम्भावनाये नही है। यह डिवाइस सब्वोकैलिसेशन्स के आधार पर काम करता है। सब्वोकैलिसेशन्स उस प्रक्रिया को कहते है। जब आप अपने दिमाग में कोई शब्द का उच्चारण करते है।

तो आपके जबड़ो में बहुत ही सूक्षम गतिविधिया होती है। जब आप कुछ बोलने की कोशिश करते हो तो। आपके चेहरे के निचे और गर्दन की सतह पर कुछ इलेक्ट्रिकल तरंगे उत्तपन होती है। यह device उसी तरंगो को पकड़ता है। और उसे बोल चाल की भाषा में रूपांतरित करता है। एक खास तोर पर कंप्यूटर डिज़ाइन किया गया है।

smart audio

जो उन सिग्नल को पकड़ के उसे बोल चल की भाषा में बदलता है। alter ego की सफलता तो इस बात पर निर्भर करती है। की बह सिग्नल से पकड़ी हुई भाषा को कितनी शुद्ता से उच्चारण करता है। अरनव कपूर और उसकी टीम का कहना है।

यह device 92% accurate है। जब यह सिस्टम नए तरीके के वाइब्रेशन्स और शब्दों के संपर्क में आएगा। तो इसका प्रदर्शन और बेहतर हो जाएगा।



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